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सामुदायिक वन संसाधन अधिकार

  छत्तीसगढ़ के मुंगेली ज़िले के चार गाँवों के निवासियों को   सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR)   प्राप्त हुआ है। धमतरी ज़िले में उदंती- सीतानदी  टाइगर रिज़र्व  के बाद अचानकमार CFRR प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ का दूसरा बाघ अभयारण्य बन गया। सामुदायिक वन संसाधन सामुदायिक वन संसाधन (CFR) क्षेत्र सामान्य वन भूमि है जिसे किसी विशेष समुदाय द्वारा स्थायी उपयोग के लिये पारंपरिक रूप से आरक्षित और संरक्षित किया गया है। समुदाय द्वारा इसका उपयोग गाँव की पारंपरिक और प्रथागत सीमा के भीतर उपलब्ध संसाधनों तक पहुँच एवं ग्रामीण समुदायों के मामले में परिदृश्य के मौसमी उपयोग के लिये किया जाता है। प्रत्येक CRF क्षेत्र में समुदाय और उसके पड़ोसी गांँवों द्वारा मान्यता प्राप्त पहचान योग्य स्थलों की एक प्रथागत सीमा होती है। इसमें किसी भी श्रेणी के वन - राजस्व वन, वर्गीकृत और अवर्गीकृत वन, डीम्ड वन, ज़िला समिति भूमि (DLC), आरक्षित वन,  संरक्षित   वन,  अभयारण्य एवं राष्ट्रीय उद्यान आदि शामिल हो सकते हैं। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार: अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन ...

Current affair

 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जनजाति के आर्थिक सशक्तीकरण हेतु योजना हाल ही में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, SEED (विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जनजातियों के आर्थिक सशक्तीकरण की योजना) के तहत लाभ प्राप्त करने के लिये केवल 402 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। सरकार के पास उपलब्ध नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, 1400 समुदायों के 10 करोड़ जनसंख्या  इन समूहों से संबंधित हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा फरवरी 2022 में  विमुक्त/घुमंतू/अर्द्ध-घुमंतू (SEED) समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण की योजना शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य इन छात्रों को मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग प्रदान करना, परिवारों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना, साथ ही आजीविका पहल के माध्यम से इन समुदायों के समूहों का उत्थान करना एवं आवास के लिये वित्तीय सहायता प्रदान करना है।